सेव दि व्हेल शार्क कैम्पेन : डेली करेंट अफेयर्स

Wildlife Trust of India (WTI) जो कि एक नेचर कंजर्वेशन आर्गेनाइजेशन है , 30 अगस्त को International Whale Shark Day पर भारत के तीन राज्यों केरल , कर्नाटक और लक्षद्वीप में 'सेव दि व्हेल शार्क कैम्पेन ' लॉंच कर रहा है।

कर्नाटक के बंदरगाह, मत्स्यन और इनलैंड वॉटर ट्रांसपोर्ट मंत्री एस अंगारा इस 1 वर्ष तक चलने वाले अभियान को आज मेंगलुरु में लांच कर रहे हैं।

सेव दि व्हेल शार्क कैम्पेन को कर्नाटक , केरल और लक्षद्वीप के वन और मत्स्य विभागों के गठजोड़ के साथ लांच किया जा रहा है।

इस अभियान के तहत Marine Fisher Folk , Village Communities और Students के बीच व्हेल शार्क के संरक्षण के प्रति जागरूकता को बढ़ाएगा। इस कैम्पेन का उद्देश्य मछुआरों के फिशिंग नेट्स में फसे व्हेल शार्क को मछुआरों द्वारा ही रिलीज कराना है। यह अभियान व्हेल शार्क के रिलीफ एंड रेस्क्यू ऑपरेशन्स पर भी बल देता है।

व्हेल शार्क पृथ्वी पर सबसे बड़ी मछली है। यह मरीन इकोसिस्टम में एक keystone species है। इसकी लंबाई 18 मीटर तक हो सकती है और इसका वजन 21 टन तक हो सकता है।

यह Tropical and Warm Temperate seas में पाया जाता है। गुजरात तट , केरल और कर्नाटक तटीय क्षेत्र व्हेल शार्क के प्रमुख लैंडिंग एरियाज हैं।

भारतीय वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत विशेष शेड्यूल वन स्पीशीज घोषित किया गया है। इसका मतलब है कि इसका अवैध शिकार करने, मारने इसकी तस्करी के लिए न्यूनतम 3 साल और अधिकतम 7 साल की सजा और ₹25000 जुर्माने का दंड दिया जा सकता है।

एक ऐसा ही प्रोजेक्ट WTI ने गुजरात में शुरू किया था जो पिछले 20 साल से अभी तक चल रहा है। इस प्रोजेक्ट के तहत 900 व्हेल शार्क्स को अरेबियन सी में छोड़ा गया। मछुआरों ने व्हेल शार्क्स के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।