भारत का पहला स्वच्छ सुजल प्रदेश (India's first Swachh Sujal Pradesh) : डेली करेंट अफेयर्स

अंडमान निकोबार द्वीप समूह भारत का पहला स्वच्छ सुजल प्रदेश बन गया है। इसका मतलब ये हुआ कि अब अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सभी गांवों को हर घर जल सुविधा और खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया है। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने एक समारोह में उपराज्यपाल एडमिरल डी. के. जोशी को इसका प्रमाण पत्र सौंपा।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 'जल जीवन मिशन' की घोषणा की थी। इस योजना को राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की साझेदारी में लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य 2024 तक सभी घरों को पाइप के जरिये पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस मिशन के तहत कृषि में पुन: उपयोग के लिये वर्षा जल संचयन, भू-जल पुनर्भरण और घरेलू अपशिष्ट जल के प्रबंधन हेतु स्थानीय बुनियादी ढाँचे के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाएगा। सरकार ने उम्मीद जताई थी कि इससे न केवल जल संकट दूर होगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलेगा। बता दें कि इसी 'जल जीवन मिशन' का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है हर घर नल से जल कार्यक्रम। इस कार्यक्रम की घोषणा वित्त मंत्री ने वर्ष 2019-20 के बजट में की थी। कार्यक्रम का उद्देश्य स्रोत स्थिरता उपायों को अनिवार्य तत्वों के रूप में लागू करना है, जैसे कि भूजल प्रबंधन, जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन के माध्यम से पुनर्भरण और पुन: उपयोग आदि।

चूँकि अंडमान निकोबार द्वीप समूह खुले में शौच से मुक्त यानी 'ओपन डिफेकेशन फ्री' भी घोषित किया गया है इसलिए तो ज़रा इसके बारे में भी जान लेते हैं। भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय के मुताबिक, 'ओडीएफ वो जगह है जहां पर्यावरण में मल नहीं दिखे और सभी घरेलू, सार्वजनिक और सामुदायिक स्तर इसका पालन किया जा रहा हो।' देश को 'ओपन डिफेकेशन फ्री' बनाना स्वच्छ भारत मिशन का एक हिस्सा है। बता दें कि घर, समाज और देश में ‘स्वच्छता एवं साफ-सफाई’ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 2 अक्तूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की गई थी। यह मिशन दो भागों में चलाया जा रहा है -

  1. जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण और
  2. आवासन एवं शहरी मंत्रालय के अंतर्गत स्वच्छ भारत मिशन - शहरी।