देश की सबसे लंबी नदी क्रूज सेवा (Country's Longest River Cruise Service) : डेली करेंट अफेयर्स

हाल ही में केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने बताया कि वाराणसी और असम के बोगिबील के बीच 2023 से देश की सबसे लंबी नदी क्रूज सेवा शुरू होगी। यह क्रूज सेवा 4,000 किलोमीटर से भी लंबा सफर तय करेगी और गंगा, भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल मार्ग एवं ब्रह्मपुत्र नदियों से होकर गुजरेगी। इस क्रूज सेवा के शुरू होने से जल मार्ग के जरिए न सिर्फ टूरिस्ट यात्रा कर पाएंगे बल्कि पर्यटन के साथ ही कार्गो परिवहन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

इस योजना के तहत बोगिबील और गुइजन में जल क्षेत्र में बनने वाले दो घाट (जेट्टी) के निर्माण की भी शुरुआत की जा चुकी है। ये दोनों जेट्टी अत्याधुनिक एवं अद्यतन प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करते हुए नवीनतम नदी टर्मिनल के रूप में विकसित की जाएंगी। इन दोनों जेट्टी का निर्माण भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की तरफ से राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-2 पर किया जाएगा। गौरतलब है कि ब्रह्मपुत्र नदी से गुजरने वाले जलमार्ग को ही राष्ट्रीय जलमार्ग-2 के रूप में जाना जाता है।

बता दें कि क्रूज जहाज बड़े यात्री जहाज होते हैं जिनका उपयोग मुख्य रूप से पर्यटन और व्यापार के लिए किया जाता है। केंद्र सरकार 14500 किमी से ज्यादा जलमार्ग बनाने के लिए काम कर रही है। सागरमाला और मैरिटाइम इंडिया विजन 2030 के तहत पोर्ट और जेट्टी विकसित किए जा रहे हैं। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण भी होगा।

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के बारे में आपको बताएं तो इसकी स्थापना 27 अक्तूबर, 1986 को की गई थी। इसका उद्द्येश्य अंतर्देशीय जलमार्गों का विकास एवं विनियमन करना है। IWAI जहाज़रानी मंत्रालय के अधीन एक सांविधिक निकाय है।