अगस्त्यमलाई पहाड़ियां (Agasthyamalai Hills) : डेली करेंट अफेयर्स

भारत के बायोडाइवर्सिटी हॉटस्पॉट पश्चिमी घाट में स्थित अगस्त्यमलाई पहाड़िया अभी सुर्खियों में है।

इसकी वजह है कि यहां Bent Toed Geckos की नई प्रजाति खोजी गई है।

इससे पहले तमिलनाडु में Bent Toed Geckos की 3 प्रजातियां खोजी गईं थीं।

Morphological और Molecular DNA data के आधार पर बताया गया है कि अगस्त्यमलाई हिल्स में पाई जाने वाली बेंट टोड गेको अन्य छिपकली प्रजातियों से अलग है।

यह श्रीलंका में पाई जाने वाली Cyrtodactylus yakhuna से काफी मिलती जुलती है।

अगस्त्यमलाई पहाड़ियों में खोजी गई इस नई छिपकिली प्रजाति का नाम Indian malacologist Dr N. A. Aravind के नाम पर रखा गया है।

इसके लिए Aravind’s ground gecko नाम का सुझाव दिया गया है। डॉ अरविंद ATREE से संबंधित हैं।

अरविंद ग्राउंड गेको के लिए अभी दो ही स्थान ज्ञात हैं ये दोनों स्थान कन्याकुमारी जिले में अगस्त्यमलाई जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र के भीतर है।

अगस्त्यमाला बायोस्फीयर रिजर्व भारत के 18 बायोस्फीयर रिजर्व में से एक है और इसे यूनेस्को के वर्ल्ड नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व में भी शामिल किया गया है।

इस बायोस्फियर रिज़र्व के अंदर नैयार , पेपारा और सेंदुरनी वन्यजीव अभयारण्य है और यह तीनों यहां के नदियों के भी नाम हैं।

इसके अंदर कलाकड़ मुंडनथुरई टाइगर रिजर्व भी है । इस जैव मंडल आरक्षित क्षेत्र के अंदर एक प्रिमिटिव ट्राइब कानीकरन भी रहती है।