यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: गिद्ध संरक्षण कार्य योजना 2020-2025 (Vulture Conservation Action Plan 2020-2025)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): गिद्ध संरक्षण कार्य योजना 2020-2025 (Vulture Conservation Action Plan 2020-2025)

गिद्ध संरक्षण कार्य योजना 2020-2025 (Vulture Conservation Action Plan 2020-2025)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (NBWL) ने गिद्धों के संरक्षण के लिए गिद्ध संरक्षण कार्य योजना 2020-2025 को मंजूरी दे दी है।

गिद्ध संरक्षण कार्य योजना 2020-2025

  • राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (NBWL) ने गिद्धों के संरक्षण की योजना को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत गिद्धों के लिए जहर बन रही मवेशियों के इलाज में प्रयोग की जाने वाली दवाओं को भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल द्वारा प्रतिबंधित किया जाएगा।
  • इस कार्य योजना में उत्तर प्रदेश, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडू में गिद्ध संरक्षण और प्रजनन केन्द्रों की स्थापना का प्रावधान किया गया है।
  • इसमें लाल सिर वाले गिद्धों (Red Headed vulture) के साथ-साथ मिस्र के गिद्धों (Egyptian vulture) के संरक्षण और प्रजनन का भी प्रावधान है।
  • गिद्धों की मौजूदा आबादी के संरक्षण के लिए प्रत्येक राज्य में कम-से-कम एक "सुरक्षित गिद्ध क्षेत्र (Egyptian vulture)" बनाने की भी योजना है।
  • गिद्ध संरक्षण कार्य योजना 2020-2025 के अनुसार विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रें में चार बचाव केंद्र (Rescue Centers) स्थापित किए जाएंगेः
  • उत्तर भारत में पिंजौर,
  • मध्य भारत में भोपाल,
  • पूर्वोत्तर भारत में गुवाहाटी
  • दक्षिण भारत में हैदराबाद
  • इसके अलावा इस कार्य योजना में गिद्धों की जनसंख्या को ट्रैक करने के लिए नियमित सर्वेक्षण की भी परिकल्पना की गयी है।

गिद्ध बहु-प्रजाति कार्य योजना (Vulture-MsAP)

  • गिद्ध बहु-प्रजाति कार्य योजना (Vulture-MsAP) को प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण (CMS) के 2017 में मनीला में आयोजित किए गए 12वें सम्मेलन (CoP-12) में अपनाया गया था।
  • 2020 में गांधीनगर, गुजरात में आयोजित CMS-CoP-13 में गिद्ध बहु- प्रजाति कार्य योजना की पहली रणनीति भी शुरू की गयी। इस रणनीति के प्रमुख बिन्दु निम्नलिखित हैं:
  • विषाक्त पदार्थों के कारण होने वाली मृत्यु दर को कम करने का प्रयास।
  • नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इन्फ्रलमेटरी दवाओं के कारण मृत्यु दर को कम करने का प्रयास।
  • गिद्ध के अंगों के अवैध व्यापार पर रोक लगाना।
  • शिकारियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले विषाक्त पदार्थों के उपयोग को प्रतिबंधित करना।
  • सभी सदस्य देशों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर एक गिद्ध संकट से जुड़ी समस्याओं से निपटने के लिए एक राष्ट्रीय गिद्ध टास्क फोर्स का गठन किया जाना।
  • 2029 में इस गिद्ध बहु-प्रजाति कार्य योजना (Vulture-MsAP) के मूल्यांकन की रिपोर्ट जारी करना।