यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: स्वतंत्र स्कॉटलैंड की मांग (The Demand For Independent Scotland)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनाक ने स्कॉटलैंड के नए प्रथममंत्री और स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) के नेता हमजा यूसुफ के एक मांग को खारिज कर दिया, जिसमें ब्रिटेन से स्कॉटलैंड की स्वतंत्रता के लिए दूसरा जनमत संग्रह कराने की मांग की गई थी।

सन्दर्भ

1. 18वीं सदी से पहलेः

  • स्कॉटलैंड के स्वतंत्र साम्राज्य की स्थापना 9वीं शताब्दी में हुई थी और इंग्लैंड से स्वतंत्र रहने के लिए इस देश को कई युद्ध लड़ने पड़े। 1603 में, दोनों राज्यों ने एक व्यक्तिगत संधि की क्योंकि उस समय उन पर एक ही सम्राट का शासन था।
  • 1707 में, ब्रिटिश और स्कॉटिश संसदों ने ग्रेट ब्रिटेन के नाम से एक राजनीतिक संघ का निर्माण करते हुए संघ के अधिनियमों को पारित किया।
  • हालांकि स्कॉटलैंड को अपनी निर्णय लेने की कुछ ही शक्तियों को बरकरार रखने की अनुमति मिली, उसे संयुक्त संसद में समान प्रतिनिधित्व नहीं मिला, और लंबे समय तक सांस्कृतिक और राजनीतिक मतभेद बने रहे।

2. 20वीं सदी और वर्तमान परिदृश्य के दौरानः

  • स्कॉटलैंड में स्व-शासन की मांग अंकुरित होने लगी, अंततः 1979 और 1997 में दो जनमत संग्रह हुए, जिसके परिणामस्वरूप 1999 में स्कॉटलैंड की एक नई न्यागत संसद का गठन हुआ।
  • इस संसद को स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा आदि जैसे मुद्दों पर कानून बनाने का अधिकार दिया गया था, जबकि रक्षा, विदेश नीति, व्यापार, आप्रवास और मुद्रा पर कानून बनाने की शक्ति आरक्षित थी।
  • आजादी के लिए आखिरी जनमत संग्रह 2014 में हुआ था, जहां 55% स्कॉट्स ने तीन-सदियों पुराने संघ में रहने के लिए मतदान किया था जबकि 45% ने बाहर निकलने के लिए मतदान किया था।

मांग के कारण

  • स्कॉटलैंड को वर्तमान में अपने वार्षिक व्यय के एक बड़े हिस्से के लिए ब्रिटिश सरकार से एक ब्लॉक अनुदान प्राप्त होता है, जिसे वह स्वतंत्रता प्राप्त होने के बाद उत्तरी सागर से तेल राजस्व के साथ प्रतिस्थापित करने की योजना बना रहा है।
  • स्कॉटिश नेशनल पार्टी (एसएनपी) का कहना है कि उत्तरी सागर के तेल राजस्व का उपयोग भविष्य की पीढि़यों में निवेश करने के बजाय, यू.के. अपने निजी मुद्दो को पूरा कर रहा है।
  • इसके अलावा, पार्टी की यूरोपीय संघ में फिर से शामिल होने, ब्लॉक में अपने व्यापार का विस्तार करने और अन्य संबद्ध लाभ प्राप्त करने की भी योजना है।
  • यह स्वतंत्रता के बाद अपनी मुद्रा के रूप में ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग का उपयोग जारी रखने की योजना बना रहा है।
  • यह भी मानता है कि यूके भविष्य में ब्रेक्सिट जैसे अन्य निर्णय ले सकता है जो स्कॉटिश हितों को कमजोर करेगा।

यूके का स्टैंड

  • ब्रिटिश सरकार का मानना है कि एसएनपी इस बात की स्पष्ट तस्वीर देने में विफल रही है कि एक स्वतंत्र स्कॉटलैंड में पेंशन और स्वास्थ्य सेवा के मुद्दे कैसे हल होंगे।
  • इसने स्कॉटलैंड को यह भी चेतावनी दी है कि यदि वह यूरोपीय संघ में फिर से शामिल होता है, तो इससे स्कॉटलैंड और ब्रिटेन के बीच एक सख्त सीमा का निर्माण होगा।

आगे की राह

  • स्कॉटलैंड के हाल के चुनावों से पता चलता है कि स्वतंत्रता पर ‘हां’ वोट का समर्थन देश में 39% तक गिर गया है, जो कि 2014 के जनमत संग्रह के दौरान कम था, इस प्रकार प्रथममंत्री की प्राथमिकता पहले स्कॉटिश नागरिकों के बीच स्वतंत्रता के लिए समर्थन का निर्माण करने की होगी।